कोरोना के बढ़ते केसों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी अच्‍छी खबर





नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर देश में कोरोना वायरस के 896 नए मामले सामने आए हैं। लव अग्रवाल के मुताबिक, इन नए मरीजों के बाद देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस बढ़कर 6761 हो गए हैं। हालांकि इनमें से 516 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। कोरोना वायरस के कारण अभी तक 206 लोगों की मौत हुई है। कोरोना वायरस के संकट के बीच लव अग्रवाल ने एक राहत भरी खबर भी दी।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लव अग्रवाल ने बताया, 'कल हम लोगों ने कुल 16002 सैंपल लेकर टेस्ट किए, जिनमें से केवल 2 फीसदी टेस्ट की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई। इस सैंपल के आधार पर कहा जा सकता है कि संक्रमण की दर बहुत ज्यादा नहीं है। इसके साथ ही रैपिड डायग्नोस्टिक किट को भी मंजूरी दी गई है। देश में अभी तक कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी लोगों को जागरूक और सचेत रहना चाहिए। हमारी घरेलु जरूरत एक करोड़ हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन टेबलेट की है, जबकि हमारे पास इससे तीन गुना ज्यादा टेबलेट हैं।'


लव अग्रवाल ने कहा, 'दवा के निर्यात का निर्णय काफी मूल्यांकन के बाद लिया गया है। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने यह सुनिश्चित करने के बाद कि घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त है, दवा स्टॉक जारी करने का निर्णय लिया। हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन की मांग के पहले से ही कई अनुरोध आए हुए हैं। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने घरेलू स्टॉक और मांग के आलावा जरूरी बफर रखने के बाद निर्यात का फैसला लिया है। जो दवाएं निर्यात की गईं हैं, वह सरप्लस स्टॉक हैं।'


वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया, 'अप्रैल में कई त्योहार हैं। ऐसे में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लॉकडाउन को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने आज राज्य सरकारों को पत्र लिखकर इसके बारे में कई तरह के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा बैठक की है। उन्होंने आदेश दिया है कि बॉर्डर पर सतर्कता और भी बढ़ा दी जाए, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फेंसिंग नहीं है, कोई भी क्रॉस बॉर्डर मूवमेंट नहीं होने दिया जाए।